Ant Me Koi Nahi Tera, Chetawani Bhajan Lyrics
अंत में कोई नहीं तेरा लिरिक्स
छोड मन तू मेरा-मेरा,
अंत में कोई नहीं तेरा ।।टेर।।
धन कारण भटक्यो-फिर्यो,
रच्या नित नया ढंग ।
ढूँढ-ढूढकर पाप कमाया,
चली न कौड़ी संग ।
होय गया मालक बहुतेरा ।
अंत में कोई नहीं तेरा ।।1।।
टेढी बाँधी पागड़ी,
बण्यो छबीलो छैल ।
धरतीपर गिणकर पग मेल्या,
मौत निमाणी गैल ।
बखेर्या हाड-हाड तेरा ।
अंत में कोई नहीं तेरा ।।2।।
नित साबुनसैं न्हाइयो,
अतर-फ़ुलेल लगाय ।
सजी-सजायी पूतली तेरी ,
पडी मसाणाँ जाय ।
जलाकर करी भसम-ढेरा ।
अंत में कोई नहीं तेरा ।।3।।
मदमातो, करड़ो रह्यो,
राक्या राता नैन ।
आयानें आदर नहिं दीन्यो,
मुख नहिं मीठा बैन ।
अंत जम-दूत आय घेरा ।
अंत में कोई नहीं तेरा ।।4।।
पर-धन, पर-नारी तकी,
पर चरचा स्यूँ हेत ।
पाप-पोट माथे पर मेली,
मूरख रह्यो अचेत ।
हुआ फिर नरकाँ में डेरा ।
अंत में कोई नहीं तेरा ।।5।।
राम-नाम लीन्यो नहीं ,
सतसँग स्यूँ नहिं नेह ।
जहर पियो, छोड्यो इमरत नै,
अंत पड़ी मुख खेह ।
साँस सब बृथा गया तेरा ।
अंत में कोई नहीं तेरा ।।6।।
दुरलभ देही खो दई,
करम कर्या बदकार ।
हूँ हूँ करतो मर्यो तूँ ,
गयो जमारो हार ।
पड्यो फिर जनम-मरण फ़ेरा ।
अंत में कोई नहीं तेरा ।।7।।
काम-क्रोध मद-लोभ तज,
कर अंतर में चेत।
मैं’ ‘मेरे’ ने छोड़ हृदै सें ,
कर श्री हरि स्यूँ हेत।
जनम यूँ सफल होय तेरा।
अंत में कोई नहीं तेरा ।।8।।













