कोई पीवो राम रस प्यासा भजन लिरिक्स

कोई पीवो राम रस प्यासा भजन लिरिक्स

कोई पीवो राम रस प्यासा,
कोई पीवो राम रस प्यासा।
गगन मण्डल में अमी झरत है,
उनमुन के घर बासा॥टेर॥

शीश उतार धरै गुरु आगे,
करै न तन की आशा।
एसा मँहगा अमी बीकत है,
छः ऋतु बारह मासा॥1॥

मोल करे सो छीके दूर से,
तोलत छूटे बासा।
जो पीवे सो जुग जुग जीवे,
कब हूँ न होय विनासा॥2॥

एंही रस काज भये नृप योगी,
छोडया भोग बिलासा।
सहज सिंहासन बैठे रहता,
भस्ती रमाते उदासा॥3॥

गोरखनाथ, भरथरी पिया,
सो ही कबीर अम्यासा।
गुरु दादू परताप कछुयक,
पाया “सुन्दर” दासा॥4॥

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Koi peevo Ram ras pyasa Bhajan Lyrics

Koi peevo Ram ras pyasa,
koi peevo Ram ras pyasa
Gagan mandal mein ali jharat hai,
unmun ke ghar baasa ॥Ter॥

Sheesh utaar dharai guru aage,
karai na tan ki aasha
Aisa mahanga amee bekar hai,
chhah ritu barah maasa ॥1॥

Mol kare so chhike door se,
tolat chhoote baasa
Jo peeve so jug jug jeeve,
kabhoo na hoy binaasa ॥2॥

Enhi ras kaaj bhaye nrip yogi,
chhodiya bhog bilaasa
Sahaj singhasan baithai rahta,
bhasti ramaate udaasa ॥3॥

Gorakhnath, Bharathari piya,
so hi Kabir amyaasa
Guru Dadu prataap kachuyak paaya,
Sundar Daasa ॥4॥

FAQs – कोई पीवो राम रस प्यासा भजन लिरिक्स

1. कोई पीवो राम रस प्यासा भजन लिरिक्स किसके द्वारा रचित है?
उत्तर: यह भजन संत कबीर दास जी की वाणी से प्रेरित है।

2. इस भजन का मुख्य संदेश क्या है?
उत्तर: यह भजन राम नाम के अमृत रस का महत्व बताता है — जो इसे पिए, वह अमर हो जाता है।

3. क्या इस भजन के लिरिक्स हिंदी और इंग्लिश (रोमन) दोनों में मिलते हैं?
उत्तर: हां, दोनों फॉर्मेट BhajanWithLyrics.com. पर उपलब्ध हैं।

4. इस भजन को किस सुर या राग में गाया जाता है?
उत्तर: यह भजन सामान्यतः भक्ति राग या निर्गुण शैली में गाया जाता है।

5. क्या यह भजन ध्यान या मेडिटेशन के लिए उपयुक्त है?
उत्तर: हां, यह गूढ़ आध्यात्मिक भाव लिए हुए है, जो ध्यान में सहायक है।

6. इस भजन को कब गाया जाता है?
उत्तर: सत्संग, भजन संध्या, राम नवमी, कबीर जयंती जैसे आयोजनों में।

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