अब तो आजा करके बाबा लीले सवारी रे लिरिक्स एक अत्यंत भावपूर्ण खाटू श्याम भजन है, जिसमें भक्त अपनी विपदा, दुख और लाचारी को श्याम बाबा के चरणों में रखकर उन्हें पुकारता है। इस भजन में बाबा से शीघ्र आने, संकट दूर करने और जीवन की नैया पार लगाने की विनती की गई है।
अब तो आजा करके बाबा लीले सवारी रे लिरिक्स
अब तो आजा करके बाबा,
लीले सवारी रे,
तेरै होतां कंईंया बिपदा,
पड़ ग्यी भारी रे,
तेरै होतां कंईंया बिपदा,
पड़ ग्यी भारी रे।।
तर्ज – कुण जाणै आ माया श्याम री।।
चिड़कली भी चूंच मारै,
जंईंया बाज है मारै रे,
मूसकड़ा भी चिखण लाग्या,
जंईंया बाघ दहाड़े रे,
मेरी लाज थां रै हाथां है,
थां री जिम्मेदारी रे,
तेरै होतां कंईंया बिपदा,
पड़ ग्यी भारी रे।।
आंख्यां स्यूं बस नीर ब्हवै छै,
हिवड़ो कल-कल रोवै रे,
देख दशा या म्हारी बाबा,
बोल तू कंईंया सोवै रे,
तनै तरस ना आवै म्हारी,
देख लाचारी रे,
तेरै होतां कंईंया बिपदा,
पड़ ग्यी भारी रे।।
आंधी चालै तूफां चालै,
नैया डिगमिग डोलै रे,
मौन रव्है सुण चीख आ म्हारी,
क्यों बाबा ना बोलै रे,
बण कै माझी पार लगा द्यो,
दरियो भारी रे,
तेरै होतां कंईंया बिपदा,
पड़ ग्यी भारी रे।।
तेरी मोर छड़ी रो जादू,
अब तो श्याम दिखा दे रे,
बिपदा म्हां री मेटण खातर,
बाण ही एक चला दे रे,
दुनिया भी देखै “निर्मल” री,
श्याम स्यूं यारी रे,
तेरै होतां कंईंया बिपदा,
पड़ ग्यी भारी रे।।
अब तो आजा करके बाबा,
लीले सवारी रे,
तेरै होतां कंईंया बिपदा,
पड़ ग्यी भारी रे,
तेरै होतां कंईंया बिपदा,
पड़ ग्यी भारी रे।।
स्वर – संजय मित्तल जी।
भजन रचयिता – श्रीश्याम कृपा पात्र निर्मल जी।
Ab To Aaja Karke Baba Leele Sawari Re Lyrics
Ab To Aaja Karke Baba
Leele Sawari Re
Terai Hota Kainya Bipda
Pad Gayi Bhaari Re
Terai Hota Kainya Bipda
Pad Gayi Bhaari Re
Chidkali Bhi Choonch Maare
Jainya Baaj Hai Maare Re
Mooskada Bhi Chikhan Lagya
Jainya Baagh Dahaade Re
Meri Laaj Thaan Rai Haathan Hai
Thaan Ri Jimmedari Re
Terai Hota Kainya Bipda
Pad Gayi Bhaari Re
Aankhyan Syun Bas Neer Bhavai Chhai
Hivdo Kal Kal Rovai Re
Dekh Dasha Ya Mhari Baba
Bol Tu Kainya Sovai Re
Tanai Taras Na Aavai Mhari
Dekh Lachari Re
Terai Hota Kainya Bipda
Pad Gayi Bhaari Re
Aandhi Chaalai Toofan Chaalai
Naiya Digmig Dolai Re
Maun Ravhai Sun Cheekh Aa Mhari
Kyon Baba Na Bolai Re
Ban Kai Majhi Paar Laga Dyo
Dariyo Bhaari Re
Terai Hota Kainya Bipda
Pad Gayi Bhaari Re
Teri Mor Chhadi Ro Jaadu
Ab To Shyam Dikha De Re
Bipda Mhaan Ri Metan Khaatar
Baan Hi Ek Chala De Re
Duniya Bhi Dekhai Nirmal Ri
Shyam Syun Yaari Re
Terai Hota Kainya Bipda
Pad Gayi Bhaari Re
अब तो आजा करके बाबा लीले सवारी रे लिरिक्स का भावार्थ
यह भजन एक ऐसे भक्त की पुकार है जो जीवन की कठिन परिस्थितियों से घिर चुका है और अब केवल श्याम बाबा को ही अपना अंतिम सहारा मानता है। भक्त अपनी लाचारी, आँसू और संघर्ष को बाबा के सामने रखकर उनसे विनती करता है कि वे लीले घोड़े पर सवार होकर उसकी रक्षा के लिए आएँ।
भजन में जीवन को एक डगमगाती नैया के रूप में दिखाया गया है, जिसे केवल श्याम बाबा ही पार लगा सकते हैं। मोरछड़ी का आशीर्वाद, कृपा का बाण और बाबा की उपस्थिति ही उसके जीवन की सबसे बड़ी आशा है।
अब तो आजा करके बाबा लीले सवारी रे लिरिक्स क्यों लोकप्रिय है
यह भजन इसलिए लोकप्रिय है क्योंकि इसमें हर उस भक्त की सच्ची भावना झलकती है जो अपने संकटों में श्याम बाबा को पुकारता है। राजस्थानी भाषा की मिठास और गहरे भाव इसे और भी विशेष बनाते हैं।
संजय मित्तल जी की मधुर प्रस्तुति और भजन के मार्मिक शब्द खाटू श्याम कीर्तन, जागरण और भजन संध्या में इसे अत्यंत लोकप्रिय बनाते हैं।
FAQs – अब तो आजा करके बाबा लीले सवारी रे लिरिक्स
Q.1 अब तो आजा करके बाबा लीले सवारी रे लिरिक्स किस भगवान को समर्पित है?
Ans. यह भजन खाटू श्याम बाबा को समर्पित है।
Q.2 इस भजन के गायक कौन हैं?
Ans. इस भजन के गायक संजय मित्तल जी हैं।
Q.3 इस भजन के रचयिता कौन हैं?
Ans. इस भजन के रचयिता श्रीश्याम कृपा पात्र निर्मल जी हैं।
Q.4 इस भजन का मुख्य संदेश क्या है?
Ans. इस भजन का मुख्य संदेश है कि जीवन की हर विपदा में श्याम बाबा ही सच्चे रक्षक और सहारा हैं।
निष्कर्ष
अब तो आजा करके बाबा लीले सवारी रे केवल एक भजन नहीं, बल्कि संकट में फँसे भक्त की सच्ची पुकार है। यह भजन विश्वास, समर्पण और श्याम बाबा की कृपा पर अटूट भरोसे को दर्शाता है।
यदि आप भी अपने जीवन में शांति, सहारा और कृपा चाहते हैं, तो यह भजन आपके मन को भक्ति और विश्वास से भर देगा।














