आपा बाबा जी बन जावा रे लिरिक्स एक हल्के-फुल्के अंदाज में प्रस्तुत भजन है, जिसमें लोक शैली के माध्यम से साधु जीवन, भक्ति और मानव प्रवृत्तियों को रोचक तरीके से दिखाया गया है। इस भजन में भक्ति के साथ-साथ हास्य और व्यंग्य का सुंदर मिश्रण देखने को मिलता है।
आपा बाबा जी बन जावा रे लिरिक्स
आपा बाबा जी बन जावा रे,
दिन में खावा माल,
रात ने भजन सुनावा रे !!
लाबी लाबी जटा बढ़ाल्या,
लाबी राखा दाढ़ी,
उससे लाबी लाठी राखा,
कमर बांधला गाठी,
आपा प्रयाग राज में चाला रे,
दिन में खावा माल,
रात में भजन सुनावा रे,
आपा बाबा जी बन जावा रे !!
धोला धोला चौला पहना,
धोली पहना धोती,
अरे तुलसा जी की माला राखा,
गीता जी की पोथी,
माने गीता ज्ञान सुना दे रे,
दिन में खावा माल,
रात ने भजन सुनावा रे,
आपा बाबा जी बन जावा रे !!
अंतर मंतर तंतर राखा,
हर कोई देदे लो,
तू बन जाइयो गुरुदेव जी,
मैं बन जाऊ चेलो,
आपा दोनों मौज उड़ावा रे,
दिन में खावा माल,
रात में भजन सुनावा रे,
आपा बाबा जी बन जावा रे !!
बाला साहब ने साथ में राखा,
हाथ में राखे सोटो,
भूत भूतनी जिंद भगावे,
मार मार के सोटो,
आप तीनो मौज उड़ा रे,
दिन में खावा माल,
रात ने भजन सुनावा रे,
आपा बाबा जी बन जावा रे !!
सोहन लाल लोहाकार की नैया,
तारो श्याम मुरारी,
शरणागत की रक्षा करयो,
मानो बात हमारी,
आपा साग साग रहस्या रे,
दिन में खावा माल,
रात ने भजन सुनावा रे,
आपा बाबा जी बन जावा रे !!
Singer: Hansraj Athariya
Aapa Baba Ji Ban Java Re Lyrics
Aapa Baba Ji Ban Java Re
Din Mein Khawa Maal
Raat Ne Bhajan Sunava Re
Lambi Lambi Jata Badhalya
Lambi Rakha Daadhi
Usse Lambi Laathi Rakha
Kamar Baandhla Gaathi
Aapa Prayag Raj Mein Chaala Re
Dhola Dhola Chola Pehna
Dholi Pehna Dhoti
Tulsa Ji Ki Mala Rakha
Geeta Ji Ki Pothi
Mane Geeta Gyaan Suna De Re
Antar Mantar Tantar Rakha
Har Koi Dede Lo
Tu Ban Jaiyo Gurudev Ji
Main Ban Jaun Chelo
Aapa Dono Moj Udava Re
Bala Sahab Ne Saath Mein Rakha
Haath Mein Rakhe Soto
Bhoot Bhootni Jind Bhagave
Maar Maar Ke Soto
Aap Teeno Moj Uda Re
Sohan Lal Lohakar Ki Naiya
Taro Shyam Murari
Sharanagat Ki Raksha Karyo
Maano Baat Hamari
आपा बाबा जी बन जावा रे लिरिक्स भजन का भावार्थ
यह भजन एक व्यंग्यात्मक शैली में साधु जीवन की बाहरी दिखावे और असली भक्ति के अंतर को दर्शाता है। इसमें बताया गया है कि केवल वेशभूषा बदलने से कोई संत नहीं बन जाता, बल्कि सच्ची भक्ति और आचरण ही महत्वपूर्ण होते हैं।
आपा बाबा जी बन जावा रे लिरिक्स भजन क्यों लोकप्रिय है
यह भजन इसलिए लोकप्रिय है क्योंकि इसमें लोकभाषा, हास्य और भक्ति का अनोखा मिश्रण है।
यह भजन सत्संग, ग्रामीण भजन कार्यक्रमों और लोक संगीत में खासा पसंद किया जाता है।
FAQs – आपा बाबा जी बन जावा रे लिरिक्स
Q.1 आपा बाबा जी बन जावा रे लिरिक्स भजन किस प्रकार का है?
Ans. यह एक लोकभजन है जिसमें हास्य और व्यंग्य के माध्यम से भक्ति का संदेश दिया गया है।
Q.2 इस भजन का मुख्य संदेश क्या है?
Ans. इसका संदेश है कि सच्ची भक्ति बाहरी दिखावे से नहीं बल्कि अंदर की भावना से होती है।
Q.3 यह भजन कहाँ अधिक गाया जाता है?
Ans. यह भजन राजस्थान और आसपास के क्षेत्रों में लोक भजन के रूप में गाया जाता है।
Q.4 क्या यह भजन मनोरंजन के साथ संदेश भी देता है?
Ans. हाँ, यह भजन मनोरंजन के साथ-साथ जीवन का महत्वपूर्ण संदेश भी देता है।











