भाई मैं अमली हरि नाम रो भजन लिरिक्स एक प्रसिद्ध निर्गुणी भजन है जो संत रविदास जी की वाणी और हरि नाम की महिमा को दर्शाता है। यह भजन बताता है कि संसार के सभी नशे झूठे हैं, केवल हरि नाम का नशा ही सच्चा और स्थायी आनंद देने वाला है।
भाई मैं अमली हरि नाम रो भजन लिरिक्स
भाई मैं अमली हरि नाम रो,
म्हाने बायड आवे रे,
अरे मैं अमली हरि नाम रो,
म्हाने बायड आवे रे,
और नशो कई किजिए,
और नशो कई किजिए,
चढ़ उतर जावे रे।
भाई मैं अमली हरि नाम रो,
म्हाने बायड आवे रे।
व्रत चढ़े नथनी नाचे,
नथवो रोल मचावे रे,
सूरत सुहागन डोरे में,
वा चूक नहीं जावे रे,
भाई मैं अमली हरि नाम रो,
म्हाने बायड आवे रे।
पनिहारीया पानी भरे,
सिर भार उठावे रे,
हंस बोले ताली देवे जी,
गागर फुट नहीं जावे रे,
भाई मैं अमली हरि नाम रो,
म्हाने बायड आवे रे।
पपैया प्यासो बूंद रो,
पियु पियु रट लावे रे,
सूख जावे आसमान भी,
पन नीर नहीं भावे रे,
भाई मैं अमली हरि नाम रो,
म्हाने बायड आवे रे।
मद चकिया मामा भाई,
कुछ हाथ नहीं आवे रे,
असली नशो हरि नाम रो,
जश रविदासजी गावे रे,
भाई मैं अमली हरि नाम रो,
म्हाने बायड आवे रे।
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Bhai Main Amli Hari Naam Ro Lyrics
Bhai main amli Hari naam ro,
Mhaane baid aave re,
Aur nasho kai kijiye,
Chadh utar jaave re.
Vrat chadhe nathni naache,
Nathvo rol machaave re,
Surat suhagan dore mein,
Wa chook nahi jaave re.
Panihaariya paani bhare,
Sir bhaar uthave re,
Hans bole taali deve ji,
Gagar foot nahi jaave re.
Pappayo pyaaso boond ro,
Piyu piyu rat laave re,
Sukh jaave aasmaan bhi,
Pan neer nahi bhaave re.
Mad chakhiya mama bhai,
Kuch haath nahi aave re,
Asli nasho Hari naam ro,
Jash Ravidas ji gaave re.
भाई मैं अमली हरि नाम रो भजन लिरिक्स का अर्थ
यह भजन हरि नाम की महिमा को समझाता है। इसमें बताया गया है कि:
- संसार के सभी नशे अस्थायी हैं
- हरि नाम का नशा सबसे श्रेष्ठ और स्थायी है
- भक्ति ही सच्चा आनंद देती है
- संत रविदास जी ने हरि नाम को जीवन का सर्वोच्च सत्य बताया है
यह निर्गुण भजन समाज में समानता, भक्ति और आत्मज्ञान का संदेश देता है। यह बताता है कि बाहरी आडंबरों से ऊपर उठकर हरि नाम का स्मरण ही मोक्ष का मार्ग है।
FAQs (भाई मैं अमली हरि नाम रो भजन लिरिक्स)
प्रश्न 1. यह भजन किस पर आधारित है?
उत्तर: यह भजन संत रविदास जी की वाणी और निर्गुण भक्ति पर आधारित है।
प्रश्न 2. इस भजन का मुख्य संदेश क्या है?
उत्तर: हरि नाम का स्मरण ही सच्चा नशा और मोक्ष का मार्ग है।
प्रश्न 3. भाई मैं अमली हरि नाम रो भजन लिरिक्स का क्या अर्थ है?
उत्तर: इसका अर्थ है कि भक्त हरि नाम का नशा करने वाला है।
प्रश्न 4. यह भजन किस शैली का है?
उत्तर: यह एक निर्गुणी भजन है।









