कई खेल्या कई खेलसी कई खेल सिधारया ए भजन लिरिक्स

कई खेल्या कई खेलसी कई खेल सिधारया ए लिरिक्स

कई खेल्या कई खेलसी,
कई खेल सिधारया ए भजन हिंदी लिरिक्स

सखी इण आंगणियै मे ए,
बहन म्हारी इण आंगणियै मे ए ।
कई खेल्या कई खेलसी।
कई खेल सिधारया ए ॥टेर॥

आवो पाँच सहेलियो
म्हारा सीम दो न चोला ए ।
मै हूँ अबला सूंदरी,
मेरा सहिब भोला ए ॥1॥

एक छिनौला दूजी कूबड़ी,
तीजी नाजुक छोटी ए।
नैण हमारा यूँ झरे
ज्यों गागर फूटी ए ॥2॥

जाय उतारै हरिये बड़ तलै,
संगी कुरलाया ए ।
थे घर जाओ भैणा आपणै,
म्हे भया पराया ए ॥3॥

काजी तो महमद यूँ कया
अब यहाँ नहीं रहणा ए ।
आया परवाना श्याम का,
सखी यहाँ से चलणा ए ॥4॥

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