Mohan Se Dil Kyun Lagaya Hai Lyrics
मोहन से दिल क्यूँ लगाया है,
ह मैं जानू या वो जाने ।
छलिया से दिल क्यूँ लगाया है,
यह मैं जानू या वो जाने ॥
हर बात निराली है उसकी,
कर बात में है इक टेडापन ।
टेड़े पर दिल क्यूँ आया है,
यह मैं जानू या वो जाने ॥1॥
जितना दिल ने तुझे याद किया,
उतना जग ने बदनाम किया ।
बदनामी का फल क्या पाया हैं,
यह मैं जानू या वो जाने ॥2॥
तेरे दिल ने दिल दीवाना किया,
मुझे इस जग से बेगाना किया ।
मैंने क्या खोया क्या पाया हैं,
यह मैं जानू या वो जाने ॥3॥
मिलता भी है वो मिलता भी नहीं,
नजरो से मेरी हटता भी नहीं ।
यह कैसा जादू चलाया है,
यह मैं जानू या वो जाने ॥4॥
स्वर :- श्री गौरव कृष्ण गोस्वामी जी
Author: Harshita














