Amar Aane Ko Ji Chahata Hai Lyrics
अमरनाथ आने को जी चाहता है,
शिव दर्शन पाने को जी चाहता है ॥टेर॥
बर्फीले पहाड़ो के बीच,
गुफा में डेरा डाला,
रूप है निराला तेरा जोगी मतवाला,
अमर कथा गाने को जी चाहता है ॥1॥
ओ बर्फीले बाबा हो बहारो के राजा,
सरपो के शंशाह गरीबो नवाजो,
राजाजी रिहाने को जी चाहता है,
अमरनाथ आने को जी चाहता है ॥2॥
दाता है सबसे बाबा देव डमरू वाला,
मेरे हाथ से पीले भंग का एक प्यारा,
निवाला जीवन को जी चाहता है,
अमरनाथ आने को जी चाहता है ॥3॥
सुनके पुकार मेरी करदे तू सवेरा,
कहता नटुगां दिखा दे वो डेरा,
शिव भजन सुनाने को जी चाहता है
अमरनाथ आने को जी चाहता है ॥4॥
Writter: Prem Ji
09610961001
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