भांगडली सरनाई रे शिव थारा नैना मे
अर्जी सुन्ज्यो जी त्रिपुरार,
थे छो भूता रा सरदार,
अजी थारी महिमा अपरम्पार,
धतूरो बोयो वन म,
भांगडली सरनाई रे,
शिव थारा नैना में ॥टेर॥
शिव थारी बैला री असवारी,
म्हाने लागे घणी सुप्यारी,
नाग बिराजे गळ म,
भांगडली सरनाई रे,
शिव थारा नैना में ॥टेर॥
शिव थारी जटा म बहती गंग ,
थे तो नित उठ पीओ भंग ,
भसम रमाओ तन में,
भांगडली सरनाई रे,
शिव थारा नैना में ॥टेर॥
शिव थारो डम डम डमरू बाजे,
थारा पगा म घूँघरा बाजे,
गौरा रहवे संग म…
भांगडली सरनाई रे,
शिव थारा नैना में ॥टेर॥
शिव थाने धन्ना दास कथ गावे,
अपने गुरू को शीष नवावे,
भजन बना दियो रंग म,
भांगडली सरनाई रे,
शिव थारा नैना में ॥टेर॥
प्रेषक : हर्षिता
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