Kalyug Ka Dev Saccha Hai Shyam Shish Ka Dani
तर्ज – तू रंग शर्बतों का
कलयुग का देव सच्चा,
है श्याम शीश का दानी,
इनकी शरण तू ले ले,
मिटने लगेगी परेशानी,
कलयुंग का देव सच्चा,
है श्याम शीश का दानी ।।टेर।।
जो दर पे आया है,
मन चाहा पाया है,
ऐसे दयालु मेरे बाबा,
हारे को जीत दिलाए,
बिगड़ी तकदीर बनाए,
ऐसे कृपालु मेरे बाबा,
भूखों को रोटी देते,
प्यासों को देते है पानी,
भूखों को रोटी देते,
प्यासों को देते है पानी,
इनकी शरण तू ले ले,
मिटने लगेगी परेशानी,
कलयुंग का देव सच्चा,
है श्याम शीश का दानी ।।टेर।।
मन की करे सबकी,
झोली भरे सबकी,
खाली किसी को ना लौटाए,
पापी को तारे है,
दर पे सुधारे है,
अपनी सेवा में लगाए,
क्या सोचता है ‘गोलू’,
करता तू खुद की क्यों हानि,
क्या सोचता है ‘गोलू’,
करता तू खुद की क्यों हानि,
इनकी शरण तू ले ले,
मिटने लगेगी परेशानी,
कलयुंग का देव सच्चा,
है श्याम शीश का दानी ।।टेर।।
Singer – Riddesh Arora
Lyrics – Nitesh Sharma














