Radhe Main Marun Brij Mein With Lyrics: राधे मैं मरूं बृज में कुछ ऐसी कृपा हो जाए लिरिक्स एक अत्यंत भावपूर्ण राधा भजन है, जिसमें भक्त बृज धाम में जीवन बिताने और अंत समय वहीं प्राण त्यागने की प्रार्थना करता है। इस भजन में राधा रानी के प्रति गहरा प्रेम, समर्पण और भक्ति का अद्भुत वर्णन मिलता है।
Radhe Main Marun Brij Mein With Lyrics
वृन्दावन के वृछ को मर्म ना जाने कोय,
डाल डाल और पात पात पर, श्री राधे-राधे होय।
श्री राधा वृषभानु मेरी जीवन प्राण,
अंत समय बृजवास हो, बस इतना दो अरमान,
राधे मैं मरूं बृज में, कुछ ऐसी कृपा हो जाए,
तेरी रज माथे पे हो और प्राण निकल जाए,
राधे मैं मरूं बृज में, कुछ ऐसी कृपा हो जाए।
बृज की पावन धूलि में, मेरा ये तन मिल जाए,
तेरे चरणों की दासी, ये आत्मा कहलाये,
मुझे और ना कुछ भी सूझे, बस तू हीं तू दिख जाए,
राधे मैं मरूं बृज में, कुछ ऐसी कृपा हो जाए।
कालिंदी के घाट पर, जब आये अंतिम शाम,
होठों पे मेरी लाड़ो, बस तेरा हीं हो नाम,
यमुना की लहरों में, मेरा जीवन बह जाए,
राधे मैं मरूं बृज में, कुछ ऐसी कृपा हो जाए।
गोवर्धन की तलहटी और संतों का हो संग,
मेरी रूह पे चढ़ जाए, तेरी भक्ति वाला रंग,
परिक्रमा करते करते ये शरीर शांत हो जाए,
राधे मैं मरूं बृज में, कुछ ऐसी कृपा हो जाए।
गहवर वन की कुञ्ज में, मेरा छूटे जा ये प्राण,
मुझे लेने को आये, खुद मेरे श्री भगवान,
तेरी मोर कुटी के साये, मुझे अपने में छुपाये,
राधे मैं मरूं बृज में, कुछ ऐसी कृपा हो जाए।
राधा कुञ्ज गली सा, पावन हो मेरा अंत,
मुझे दर्शन दे जाए, बृज मंडल के सब संत,
मेरे पाप जन्म जन्म के, उसी पल में धूल जाए,
राधे मैं मरूं बृज में, कुछ ऐसी कृपा हो जाए।
बृज के सरोवर नाल पे मेरा पंक्षी वन हो वात्सल्य,
मैं जन्म जन्म तक रखूं, बस तेरे दर की आस,
चाहे बनूँ कदम्ब की डाली, जो तेरे काम आ जाए,
राधे मैं मरूं बृज में, कुछ ऐसी कृपा हो जाए।
स्वांस स्वांस में नाम हो श्याम हो राधे,
कोई और ना अरमान रहे, कोई और न अपवाद,
मेरी अंतिम हिचकी आये और तेरा दरश मिल जाए,
राधे मैं मरूं बृज में, कुछ ऐसी कृपा हो जाए,
तेरी रज माथे पे हो और प्राण निकल जाए,
राधे मैं मरूं बृज में, कुछ ऐसी कृपा हो जाए।
Radhe Main Marun Brij Mein with Lyrics
Vrindavan ke vrichh ko marm na jaane koi,
Daal daal aur paat paat par, Shri Radhe-Radhe hoy.
Shri Radha Vrishabhanu meri jeevan praan,
Ant samay Brajvaas ho, bas itna do armaan,
Radhe main marun Braj mein, kuch aisi kripa ho jaaye,
Teri raj maathe pe ho aur praan nikal jaaye,
Radhe main marun Braj mein, kuch aisi kripa ho jaaye.
Braj ki paavan dhooli mein, mera ye tan mil jaaye,
Tere charanon ki daasi, ye aatma kehlaaye,
Mujhe aur na kuch bhi soojhe, bas tu hi tu dikh jaaye,
Radhe main marun Braj mein, kuch aisi kripa ho jaaye.
Kalindi ke ghaat par, jab aaye antim shaam,
Hothon pe meri laado, bas tera hi naam,
Yamuna ki lahron mein, mera jeevan beh jaaye,
Radhe main marun Braj mein, kuch aisi kripa ho jaaye.
Govardhan ki talhati aur santon ka ho sang,
Meri rooh pe chadh jaaye, teri bhakti wala rang,
Parikrama karte karte ye shareer shaant ho jaaye,
Radhe main marun Braj mein, kuch aisi kripa ho jaaye.
Gahvar van ki kunj mein, mera chhoote ja ye praan,
Mujhe lene ko aaye, khud mere Shri Bhagwan,
Teri mor kuti ke saaye, mujhe apne mein chhupaaye,
Radhe main marun Braj mein, kuch aisi kripa ho jaaye.
Radha kunj gali sa, paavan ho mera ant,
Mujhe darshan de jaaye, Braj mandal ke sab sant,
Mere paap janam janam ke, usi pal mein dhool jaaye,
Radhe main marun Braj mein, kuch aisi kripa ho jaaye.
Braj ke sarovar naal pe mera pankshi van ho vatsalya,
Main janam janam tak rakhun, bas tere dar ki aas,
Chahe banun kadamb ki daali, jo tere kaam aa jaaye,
Radhe main marun Braj mein, kuch aisi kripa ho jaaye.
Swaans swaans mein naam ho Shyam ho Radhe,
Koi aur na armaan rahe, koi aur na apvaad,
Meri antim hichki aaye aur tera darshan mil jaaye,
Radhe main marun Braj mein, kuch aisi kripa ho jaaye,
Teri raj maathe pe ho aur praan nikal jaaye,
Radhe main marun Braj mein, kuch aisi kripa ho jaaye.
Radhe Main Marun Brij Mein With Lyrics भजन का भावार्थ
यह भजन भक्त की उस गहरी भावना को दर्शाता है जिसमें वह राधा रानी के प्रेम में पूरी तरह समर्पित हो जाता है। वह चाहता है कि उसका जीवन और मृत्यु दोनों बृज धाम में ही हों।
भजन में बृज की महिमा, यमुना, गोवर्धन और राधा नाम की महत्ता को बहुत सुंदर तरीके से दर्शाया गया है।
Radhe Main Marun Brij Mein With Lyrics क्यों लोकप्रिय है
यह भजन इसलिए लोकप्रिय है क्योंकि इसमें राधा भक्ति की गहराई और बृज धाम के प्रति प्रेम को बहुत सरल शब्दों में व्यक्त किया गया है।
राधा अष्टमी, झूलन उत्सव और भजन संध्या में Radhe Main Marun Brij Mein With Lyrics विशेष रूप से गाया जाता है।
FAQs – Radhe Main Marun Brij Mein With Lyrics
Q.1 यह भजन किसे समर्पित है?
Ans. यह भजन श्री राधा रानी को समर्पित है।
Q.2 Radhe Main Marun Brij Mein With Lyrics का मुख्य भाव क्या है?
Ans. इसका मुख्य भाव है बृज में जीवन बिताने और राधा जी की कृपा प्राप्त करने की प्रार्थना।
Q.3 क्या इस भजन में बृज धाम का वर्णन है?
Ans. हाँ, इसमें वृंदावन, यमुना, गोवर्धन आदि का सुंदर वर्णन किया गया है।
Q.4 यह भजन कब गाया जाता है?
Ans. यह भजन राधा अष्टमी, सत्संग और भजन कार्यक्रमों में गाया जाता है।














