बोले मेरा सतगुरू अमृत वाणी भजन लिरिक्स

बोले मेरा सतगुरू अमृत वाणी लिरिक्स इन हिंदी | Bole Mera Satguru Amrit vani Bhajan Lyrics

बोले मेरा सतगुरू अमृत वाणी,
दुध का दुध पानी का पानी।।

रात नही निंदरा चेन नही मन में,
लागी म्हारे चोट,
शबद की तन में,
बोलें मेरा सतगुरू अमृत वाणी,
दुध का दुध पानी का पानी।।

सतगुरू पुष्प ने मैं हूँ भंवरा,
राम ने भजे ज्यारो,
काई लेवे जमडा,
बोलें मेरा सतगुरू अमृत वाणी,
दुध का दुध पानी का पानी।।

सतगुरू वेध खलख सब रोगी,
राम ने भजे ज्यारी,
काया निरोगी,
बोलें मेरा सतगुरू अमृत वाणी,
दुध का दुध पानी का पानी।।

कहत कबीर सुनो भाई सन्तो,
घट ह्रदय में बिठाया संतो,
बोलें मेरा सतगुरू अमृत वाणी,
दुध का दुध पानी का पानी।।

बोले मेरा सतगुरू अमृत वाणी,
दुध का दुध पानी का पानी।।

Singer – Chhotu Singh Ji
Preshak :- Purn NathJi Maharaj

Singer & Lyrics Credit: Chhotu Singh Ji Ravna
Video Credit: Original YouTube Channel & Creator

Bole Mera Satguru Amrit vani Bhajan Lyrics

Bole Mera Satguru Amrit Vaani,
Doodh Ka Doodh Paani Ka Paani.

Raat Nahi Nindra, Chen Nahi Man Mein,
Laagi Mhaare Chot,
Shabad Ki Tan Mein,
Bole Mera Satguru Amrit Vaani,
Doodh Ka Doodh Paani Ka Paani.

Satguru Pushp Ne Main Hoon Bhanwara,
Ram Ne Bhaje Jyaaro,
Kai Leve Jamda,
Bole Mera Satguru Amrit Vaani,
Doodh Ka Doodh Paani Ka Paani.

Satguru Vedh Khalkh Sab Rogi,
Ram Ne Bhaje Jyaari,
Kaaya Nirogi,
Bole Mera Satguru Amrit Vaani,
Doodh Ka Doodh Paani Ka Paani.

Kahat Kabir Suno Bhai Santo,
Ghat Hriday Mein Bithaya Santo,
Bole Mera Satguru Amrit Vaani,
Doodh Ka Doodh Paani Ka Paani.

Bole Mera Satguru Amrit Vaani,
Doodh Ka Doodh Paani Ka Paani.

Bole Mera Satguru Amrit vani Bhajan Lyrics FAQ

  1. प्रश्न: “बोले मेरा सतगुरू अमृत वाणी” भजन क्या है?
    उत्तर: यह एक हिंदी/राजस्थानी भजन है जो सतगुरू की वाणी (शिक्षा) को अमृत की तरह स्वरूपित करता है और भक्त को आध्यात्मिक अनुभूति कराता है।
  2. प्रश्न: इस भजन के लिरिक्स हिंदी में कहाँ मिलेंगे?
    उत्तर: आप इस भजन के हिंदी लिरिक्स https://bhajanwithlyrics.com पर देख सकते हैं।
  3. प्रश्न: इस भजन का अर्थ (भावार्थ) क्या है?
    उत्तर: यह भजन कहता है कि सतगुरू की वाणी अमृत जैसे है — जैसे दूध में दूध और पानी में पानी — अर्थात् सत्य-सत्य और भ्रामक को स्पष्ट करना।
  4. प्रश्न: इस भजन का मूल भाषा क्या है?
    उत्तर: इसका मूल भाषा राजस्थानी/हिंदी मिश्रित स्वर में हो सकती है, जैसा कि “दुध का दुध पानी का पानी” जैसा वाक्यांश दिखता है।
  5. प्रश्न: इस भजन के रचनाकार कौन हैं?
    उत्तर: कई स्रोतों के अनुसार इसे पूर्ण नाथजी महाराज (काछवा, सीकर) नामक भजन कलाकार से जोड़ा गया है।

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