Indar Ambe Ne Ratale Manava Chirja Lyrics
तर्ज – नगरी – नगरी द्वारे – द्वारे ढूंढु रे सांवरिया
इन्दर अम्बे ने रटले मनवा,
बीती जाए उमरिया – 2
जग तारण हित जनम लियो मां,
आया खुडद नगरिया ।।टेर।।
रतनु कुऴ ने उजवल किनो,
सागर जी घर आईं,
पावन किनी भौम मरूधरा,
खुडद नगर पुजवाई,
अन-धन के भंडार भरो मां,
राखो नेह नज़रीयां,
इन्दर अम्बे ने रटले मनवा,
बीती जाए उमरिया ।।1।।
आन्धा ने आख्या दे दीनी,
जग-मग जोत जगाई,
भत्तु भगत की करी सहाई,
खुद गाड़ी ले आई,
पांगऴीया ने पघा चला दी,
घाल रही घुमरिया,
इन्दर अम्बे ने रटले मनवा,
बीती जाए उमरिया ।।2।।
गुमान सिंह को गर्व मिटायो,
प्रगट करी प्रभुताई,
जन-जन का मां कष्ट मिटाया,
करणी इंद्र कहाई,
ये दो नैण कयो नहीं माने,
बरसे ज्यु बदरीया,
इन्दर अम्बे ने रटले मनवा,
बीती जाए उमरिया ।।3।
कीरत कोई लिख नहीं पाई,
महीमा वरणी न जाई,
जनम-जनम गुण गाई,
पारस ने चरणा रे शरणे,
राखो मां चाकरिया ।।4।।
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FAQ – Bhajan With Lyrics
Q1. यह भजन किस देवी को समर्पित है?
Answer: यह भजन करणी माता को समर्पित है और इसे श्रद्धालु जागरण, भजन संध्या या पूजा में गाते हैं।
Q2. क्या इस भजन का PDF डाउनलोड उपलब्ध है?
Answer: हाँ, ऊपर दिए गए PDF download button से आप पूरा bhajan with lyrics PDF डाउनलोड कर सकते हैं।
Q3. यह भजन किस भाषा में है?
Answer: भजन मूलतः राजस्थानी में है और हिंदी लिरिक्स के साथ प्रस्तुत किया गया है।
Q4. क्या इस भजन को भजन संध्या में गाया जा सकता है?
Answer: हाँ, यह भजन Mata Bhajan With Lyrics के रूप में भजन संध्या और जागरण के लिए उपयुक्त है।






