Yahi Samajh Ka Fera Re Sadhu Re Sadhu Lyrics
यही समझ का फेरा रे साधु रे साधु,
पहला संत विचार के बोले सब कुछ मेरा मेरा,
जो मेरा वो मेरा है ही जो तेरा वो मेरा साधु,
यही समझ का फेरा रे साधु रे साधु ।।टेर।।
दूजा संत भये कुछ ज्ञानी जाने जग का झमेला,
जो मेरा वो मेरा है साधु जो तेरा वो तेरा साधु,
यही समझ का फेरा रे साधु रे साधु ।।1।।
तीजा संत भये कुछ ज्ञानी जाने जग का झमेला,
जो तेरा वो तेरा है साधु जो मेरा वो भी तेरा साधु,
यही समझ का फेरा रे साधु रे साधु ।।2।।
चौथा संत भये कुछ ज्ञानी जाने जग का बखेड़ा,
ज्ञानी संत विचार के बोले ना तेरा ना मेरा साधु,
यही समझ का फेरा रे साधु रे साधु ।।3।।
सभी संत है इसी भिड़ में सबका यही बखेड़ा,
कहे फदी विचार कर खुद ही किस में राम है तेरा साधु,
यही समझ का फेरा रे साधु रे साधु ।।4।।
Singer: Dhiraj Kant Ji
Author: Harshita









