Bhar Joban Men Naaw Dubagi Dhamal Lyrics
मनिहारा (मनिहारा )
हाथ मैं लाठी बगल में छुरी,
सिर पर धरया पिटारा
चूड़ी र बेचन निकल पड्या,
एक छोटा सा मनिहारा,
एक छोटा सा मनिहारा
भर जोबन में नाव डूबगी -२,
तैरा दे मनिहारा
तेरे नाम की दो चूड़ी -२,
मन पेरा दे मनिहारा, पेरा दे मनिहारा
भर जोबण म नाव डूबगी ।।टेर।।
नीम का जोबन नीम निमोली-२,
आम का जोबन सुवा
मर्द का जोबन पान सुपारी -२,
पनिहारी का कुआँ -२
भर जोबण म नाव डूबगी ।।1।।
पटरी – पटरी रेल चलत हैं-२
ऊपर जहाज हवाई,
फागन में तो छोरा मर गया-२,
कर कर याद लुगाई -२
भर जोबण म नाव डूबगी ।।2।।
आधी रात न आयो देवर-२,
लायो फूल गुलाबी
जेवण झाला देर बुलावण लाग्यो-२,
आजा मेरी भाभी -२
भर जोबण म नाव डूबगी ।।3।।
सुन र पति मेरा सुन र पति-२,
तने हाल बताऊँ सारा
तेरे भाई को ब्याव करवा दे -२,
कोन्या फिरे कंवारा – २
भर जोबण म नाव डूबगी ।।4।।
रिम झिम, रिम झिम मेवलो बरसे,
गोडा सुदो कादो
फागण में इक छोरी छेड़ी,
म और मेरो दादों – २
भर जोबण म नाव डूबगी ।।5।।














