बिन पानी के नाव खे रही है भजन लिरिक्स एक बेहद भावुक और श्रद्धा से भरा हुआ माता रानी का भजन है, जिसमें भक्त माँ की कृपा और करुणा का वर्णन करता है। इस भजन में बताया गया है कि माँ अपने भक्तों को उनकी किस्मत से भी ज्यादा देती हैं और हर कठिन परिस्थिति में उनका साथ निभाती हैं।
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बिन पानी के नाव खे रही है भजन लिरिक्स
बिन पानी के नाव खे रही है,
माँ नसीब से ज्यादा दे रही है ॥
भूखें उठते है भूखे तो सोते नहीं,
दुःख आता है हमपे तो रोते नहीं,
दिन रात खबर ले रही है,
माँ नसीब से ज्यादा दे रही है ॥
उसके लाखों दीवाने बड़े से बड़े,
उसके चरणों में कंकर के जैसे पड़े,
फिर भी आवाज मेरी सुन रही है,
माँ नसीब से ज्यादा दे रही है ॥
मेरा छोटा सा घर महलों की रानी माँ,
मेरी औकात क्या महारानी है माँ,
साथ ‘बनवारी’ माँ रह रही है,
माँ नसीब से ज्यादा दे रही है ॥
ज्यादा कहता मगर कह नहीं पा रहा,
आंसू बहता मगर बह नहीं पा रहा,
दिल से आवाज ये आ रही है,
माँ नसीब से ज्यादा दे रही है ॥
बिन पानी के नाव खे रही है,
माँ नसीब से ज्यादा दे रही है ॥
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Bin Paani Ke Naav Khe Rahi Hai Lyrics
Bin paani ke naav khe rahi hai,
Maa naseeb se zyada de rahi hai
Bhookhe uthte hain bhookhe to sote nahin,
Dukh aata hai humpe to rote nahin,
Din raat khabar le rahi hai,
Maa naseeb se zyada de rahi hai
Uske laakhon deewane bade se bade,
Uske charnon mein kankar ke jaise pade,
Phir bhi awaaz meri sun rahi hai,
Maa naseeb se zyada de rahi hai
Mera chhota sa ghar mahalon ki rani Maa,
Meri aukaat kya Maharani hai Maa,
Saath ‘Banwari’ Maa reh rahi hai,
Maa naseeb se zyada de rahi hai
Zyada kehta magar keh nahin paa raha,
Aansu bahta magar beh nahin paa raha,
Dil se awaaz ye aa rahi hai,
Maa naseeb se zyada de rahi hai
Bin paani ke naav khe rahi hai,
Maa naseeb se zyada de rahi hai
FAQs
प्रश्न 1: “बिन पानी के नाव खे रही है” भजन किसे समर्पित है?
उत्तर: यह भजन माता रानी (दुर्गा माँ) को समर्पित है।
प्रश्न 2: बिन पानी के नाव खे रही है भजन लिरिक्स का मुख्य भाव क्या है?
उत्तर: इसमें माँ की कृपा और भक्तों के प्रति उनकी करुणा का वर्णन है।
प्रश्न 3: यह भजन कब गाया जाता है?
उत्तर: यह भजन जागरण, नवरात्रि और भजन संध्या में गाया जाता है।
प्रश्न 4: इस भजन से हमें क्या सीख मिलती है?
उत्तर: यह भजन हमें माँ पर विश्वास रखने और भक्ति में जुड़े रहने की प्रेरणा देता है।
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