लाल चुनरी में सजी मेरी माँ एक बहुत ही सुंदर और भावपूर्ण देवी भजन है, जिसमें माँ दुर्गा की महिमा और उनके भक्तों के प्रति प्रेम का वर्णन किया गया है। इस भजन में माँ के दिव्य रूप, उनकी करुणा और शक्ति का सुंदर चित्रण मिलता है।
Table of Contents
लाल चुनरी में सजी मेरी माँ भजन लिरिक्स
लाल चुनरी में सजी मेरी माँ,
दुर्गा मैया आई द्वार,
जो भी माँ को सच्चे मन से पुकारे,
भर देती माँ उसकी झोली अपार,
जय अम्बे जय अम्बे,
जय जगदम्बे माँ।।
माथे बिंदी लाल सुहानी,
नयनों में ममता प्यारी,
हाथों में चूड़ियाँ खनके माँ की,
भक्तों की रखवाली,
जय अम्बे जय अम्बे,
जय जगदम्बे माँ।।
सिंह सवारी माँ भवानी,
हाथों में त्रिशूल धारी,
दुष्टों का संहार करें माँ,
भक्तों की रखवाली,
जय अम्बे जय अम्बे,
जय जगदम्बे माँ।।
तेरे चरणों में शीश झुकाएँ,
दे दे माँ आशीष,
भक्ति दे दे शक्ति दे दे,
कर दे जीवन दीप्त,
जय अम्बे जय अम्बे,
जय जगदम्बे माँ।।
लाल चुनरी में सजी मेरी माँ,
दुर्गा मैया आई द्वार,
जो भी माँ को सच्चे मन से पुकारे,
भर देती माँ उसकी झोली अपार,
जय अम्बे जय अम्बे,
जय जगदम्बे माँ।।
Lal Chunri Mein Saji Meri Maa Lyrics
Laal Chunri Mein Saji Meri Maa,
Durga Maiya Aayi Dwar,
Jo Bhi Maa Ko Sacche Man Se Pukare,
Bhar Deti Maa Uski Jholi Apaar,
Jai Ambe Jai Ambe,
Jai Jagdambe Maa.
Mathe Bindi Laal Suhani,
Naynon Mein Mamta Pyari,
Haathon Mein Choodiyan Khanke Maa Ki,
Bhakton Ki Rakhwali.
Sinh Sawari Maa Bhawani,
Haathon Mein Trishul Dhaari,
Dushton Ka Sanhaar Kare Maa,
Bhakton Ki Rakhwali.
Tere Charnon Mein Sheesh Jhukaye,
De De Maa Aashish,
Bhakti De De Shakti De De,
Kar De Jeevan Deept.
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भजन का अर्थ
यह भजन माँ दुर्गा की महिमा का गुणगान करता है। इसमें माँ के स्वरूप, उनकी करुणा और शक्ति का वर्णन किया गया है।
भजन का मुख्य संदेश:
- माँ दुर्गा सच्चे भक्तों की हर मनोकामना पूरी करती हैं
- माँ अपने भक्तों की रक्षा करती हैं
- भक्ति और श्रद्धा से जीवन में सुख और शांति मिलती है
- माँ से शक्ति और आशीर्वाद मांगने से जीवन सफल बनता है
FAQs
प्रश्न 1: लाल चुनरी में सजी मेरी माँ भजन किस देवी को समर्पित है?
उत्तर: यह भजन माँ दुर्गा (जगदम्बा) को समर्पित है।
प्रश्न 2: इस भजन का मुख्य भाव क्या है?
उत्तर: इसमें माँ की महिमा, शक्ति और भक्तों के प्रति उनकी करुणा का वर्णन है।
प्रश्न 3: यह भजन कब गाया जाता है?
उत्तर: यह भजन नवरात्रि, जागरण और भजन संध्या में गाया जाता है।
प्रश्न 4: क्या माँ दुर्गा भक्तों की मनोकामना पूरी करती हैं?
उत्तर: हाँ, सच्चे मन से की गई प्रार्थना माँ अवश्य स्वीकार करती हैं।
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