मत कर तू अभिमान रे बन्दे, झूठी तेरी शान रे लिरिक्स

Mat Kar Tu Abhiman Re Bande Bhajan Lyrics

मत कर तू अभिमान रे बन्दे,
झूठी तेरी शान रे ।।टेर।।

तेरे जैसे लाखो आये,
लाखो इस माटी ने खाये,
रहा न नाम निशान ओ बन्दे
मत कर तू अभिमान रे बन्दे ।।टेर।।


झूठी माया झूठी काया,
वो तेरा जो हरिगुण गाया
जब ले हरी का नाम ओ बन्दे
मत कर तू अभिमान रे बन्दे ।।टेर।।


माया का अन्धकार निराला,
बाहर उज्जला भीतर काला
इसको तु पेहचान रे बन्दे
मत कर तू अभिमान रे बन्दे ।।टेर।।


तेर पास हैं हिरे मोती,
मेरे मन मंदिर में ज्योति
कौन हुवा धनवान रे बन्दे
मत कर तू अभिमान रे बन्दे ।।टेर।।

प्रेषक : शिवांश जांगिड


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