Hansa Sundar Kaya Ro, Mat Karje Abhiman Lyrics
।। दोहा ।।
दौड़ सके तो दौड़ ले , जब लग तेरी दौड़।
दौड़ थकी धोखा मिट्या , वस्तु ठोड की ठोड।
हंसा सुन्दर काया रो ,
मत करजे अभिमान।
आखिर एक दिन जाणो रे ,
मालिक रे दरबार ।।टेर।।
गर्भवास में दुःख पायो ,
जद हरी से करी पुकार।
पल भर विशराऊ नहीं ,
ऐ कॉल वचन किरदार ।।1।।
आकर के संसार में ,
कभी ने भजियो राम।
तीर्थ व्रत नहीं कीनो रे ,
नहीं कीनो सुखिरत काज ।।2।।
कुटुंब कबीलो देख ने ,
गर्व कियो मन माय।
हंस अकेलो जासी रे ,
कोई नहीं संग में जाय ।।3।।
राम नाम री बांध गाठड़ी ,
कर ले भव से पार।
वेद सुरखिया कहेत है ,
आसी थारे काम ।।4।।














